संपादकीय


 


अपने लेखकों एंव पाठकों को हाजिर-नाजिर मससूसते हुए नव वर्ष की शुभ बेला में साकारात्मक संभावनाओं, नेक ख्वाहिशयात, और उच्च स्तरीय सौमन्यस्य की आकांक्षाओं को संजोए हुए अभिनव इमरोज़ का आठवें साल का प्रवेशांक पेश कर रहा हूँ। हम सब के लिए ये साल खुशनसिबियों से भरा हो और हमारा पल-पल पल्लवित, पुलकित, पुष्पित एवं प्रफुल्लित होता रहे-


सर्वा आशा मम मित्रां भवन्तु


सभी दिशायें हमारी मित्र बनें और सब ओर से हमारा कल्याण हो


सर्वेभवन्तु सुखिना I