संपादकीय

संपादकीय


हिन्दी पत्रिकाओं को ‘‘गूगल’’ द्वारा निर्मित ‘नवलेखा’ मंच मुहैया करवाया गया है। हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के


प्रचार-प्रसार के लिए एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा नए आयाम अयां करना हिन्दी जगत् के लिए एक शुभ समाचार है। मुझे इस मंच को साझा करने का अवसर मिलना अभिनव इमरोज के लिए गौरव का विषय है, एक नए अनुभव हासिल करने का पहला मौका था। इसका श्रेय हमारे लेखकों और पाठकों को ही जाता है। अभिनव इमरोज़ को और अधिक स्तरीय एवं परिष्कृत करने की प्रेरणा भी मिली।


गूगल ने आने वाले तीन वर्ष के लिए हमें बेवसाईट बना कर मलिकाना हक़ अता किया है। गूगल की तरफ से की गई इस पहल से हिन्दी पत्रिकाओं के लिए नए शिखर-सोपान निर्मित होने की साकारात्मक सम्भावनाएं अवश्य बनी हैं।


इस श्लाघनीय पहल के लिए गूगल के हम तहे दिल से शुक्रगुजार हैं, साथ ही आश्वस्त करते हैं कि हम आप के सहयोग के एवज़ में आप के मानदण्डों के अनुसार काम करते रहेंगे।


गूगल, नवलेखा टीम का पुनः धन्यवाद एवं शुभकामनाएं-


 



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