माँ का आंचल

माँ घने वृक्ष की छांव


माँ की ममता


हरा भरा सा गाँव


माँ अन्धेरे में पहरेदार


दिन के उजाले में ठंडी सी फुहार


करती रहती सब बच्चों से प्यार


करुणा दया अनुकम्पा


से करती श्रृंगार


अहिंसा सत्य का पाठ पढ़ाकर


करती जीवन का उद्धार


माँ एक अद्भुत शक्ति है


उसके संरक्षण में भक्ति है


अपरम्पार उसकी माया


सदैव बनी रहे उसकी छाया


माँ का आंचल घने वृक्ष की छाँव


माँ की ममता हरा भरा सा गाँव



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