अस्तित्व


रमेश दवे, भोपाल, मो. 9406523071


 


विराट क्या?


कौन?


सूक्ष्म कहां?


कितना?


जीवन-


कितना जीव?


कितना वन?


चिंतन


करें-


जैसा चाहें


शून्य हो जाता


सब कुछ


अस्तित्व के


विसर्जन पर!