निःशब्द



रमेश दवे, भोपाल, मो. 9406523071


 


मृत्यु


मात्र शब्द एक


उच्चारण से;


इच्छा से


सार्थक होता यदि


शब्द ‘मृत्यु’


ऊबे हुए सब लोग


जब इच्छा करते


मर जाते;


शब्द में जीना


शब्द में मरना


शब्द में रहना


शब्द का होना साथ


असत्य है,


सत्य है यदि


मृत्यु, तो


शब्द से नहीं


इच्छा से नहीं


आने दो उसे


निःशब्द



Popular posts from this blog

अभिनव इमरोज़ दिसंबर 2021 अंक

कर्मभूमि एवं अन्य उपन्यासों के वातायन से प्रेमचंद      

भारतीय साहित्य में अन्तर्निहित जीवन-मूल्य